मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जो नागरिकता को लेकर देश में भ्रम फैला रहे है, उन्हें देश के नागरिकों की चिंता नहीं है। पश्चिम राजस्थान टिड्डी हमले के प्रकोप से ग्रसित है, वे खुद गृहमंत्री के नाते एनडीआरएफ के चेयरमैन है, लेकिन कुछ नहीं बोले। हमारे यहां 8-10 हजार लोग नागरिकता पाने के योग्य हो चुके है, उनको ही नागरिकता देने की घोषणा कर देते, लेकिन कुछ नहीं बोले। देश की अर्थव्यवस्था संकट में है। नौजवानों को नौकरियां तो मिल नहीं रही, नौकरियां जा रही है। इसको लेकर किसी भी प्रकार के प्रयास नहीं हो रहे है। एक्ट में बदलाव 7 बार हुए, कोई चर्चा नहीं हुई, अब क्यों हो रही है। जब आपने गलती नहीं कि है तो जनजागरण अभियान की नौबत क्यों आई। गहलोत ने एनआरसी पर चल रहे टकराव पर कहा कि मोदी मन की बात कर रहे थे, देश समझ रहा था, अब क्या जरूरत पड़ गई, जो अमित शाह को जोधपुर भेजा। कुछ आेर नेताआें को भी देश के अन्य राज्यों में भेज रहे है।
सीएम से मिले पाक से आए लोग, बोले- सीएए को पढ़ें, कानून का विरोध न करें
सीएम गहलोत की जनसुनवाई के दौरान विस्थापित समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने भी उनसे मुलाकात की। इन लोगों में शामिल जोधपुर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गणेश बिजाणी ने सीएम को सीएए की प्रति सौंपते हुए कहा कि आप एक बार इसे जरूर पढ़ें। इस कानून में कुछ भी गलत नहीं है। यह कानून पाकिस्तानी, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से प्रताड़ित हाेकर अाए वहां के अल्पसंख्यक हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई व पारसी शरणार्थियाें काे नागरिकता देने के लिए है। अाप कानून का विराेध छाेड़कर हमारी मदद करें।
अारएएस के ससुराल वालाें ने सीएम से कहा-बेटी प्रताड़ित हो रही है, कार्रवाई हो
सीएम गहलाेत की शनिवार काे जनसुनवाई के दौरान आरएएस अधिकारी अभिषेक चारण की पत्नी के परिजन व समाज के लोगों ने उनसे मुलाकात की। हाथों में आरएएस काे हटाने आदि मांगों के पेपर लेकर खड़े इन लोगों ने सीएम को ज्ञापन सौंपा। नोख निवासी गोविंद सिंह कविया की बेटी डॉ. नेहा की शादी अारएएस अभिषेक चारण से हुई, जाे वर्तमान में भूमि अवाप्ति अधिकारी के पद पर बाड़मेर में कार्यरत हैं। शादी के कुछ दिन बाद ही अभिषेक ने एमबीबीएस छोड़ने, अाईएएस की तैयारी कर रही बहन के बच्चों को संभालने, मोबाइल पर भी बात नहीं करने के लिए कहा।
दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों से बेरिकेड्स पार कर मिलने पहुंचे गहलोत
सीएम गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार दिव्यांग जनों और वरिष्ठ नागरिकों का विशेष ध्यान रखने के लिए कृत संकल्प है। आने वाले दिनों में जन्म से बधिर बच्चों के लिए जोधपुर में शीघ्र ही काॅकलियर इम्पलांटेशन कैम्प आयोजित किया जाएगा। गहलोत शनिवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जोधपुर जिला प्रशासन तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपकरण वितरण वृहद शिविर में बोल रहे थे। प्रस्तावित शिविर में आने वाले सभी बच्चों के लिए यह इम्प्लांटेशन का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।