हिन्दू राष्ट्र बनाने को कोशिशों के नतीजे घातक होंगे, टुकड़ों में बंट जाएंगा देश: गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जोधपुर पहुंचते ही नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर(एनसीआर) पर अपने आक्रामक अंदाज के साथ केन्द्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर बने मुल्क कभी एकजुट नहीं रह पाए। हिन्दू राष्ट्र की बात करना और उसके एजेंडे को आगे बढ़ाना आसान है, लेकिन इसके नतीजे बहुत घातक साबित होंगे। ऐसा करने से देश के टुकड़े हो जाएंगे। पूरा देश इसका विरोध कर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को इन्हें वापस लेने पर विचार करना चाहिए। 



केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनजागरण सभा से पहले दो दिवसीय प्रवास पर जोधपुर पहुंचे गहलोत ने एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय कहा कि इस देश को सीएए और एनआरसी की आवश्यकता ही नहीं है। अटल बिहार वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहने के कार्यकाल में नागरिकता कानून में संशोधन किया गया था, लेकिन कोई हल्ला नहीं मचा। अब आखिरकार इसका पूरे देश में विरोध क्यो हो रहा है। हमें देखना पड़ेगा कि इस विरोध का क्या कारण है? देश में ध्रुवीकरण की कोशिश की जा रही है। इससे देश टूट जाएगा। धर्म के नाम पर बने देश कभी एकजुट नहीं रह पाए।


रूस और पाकिस्तान का उदाहरण हमारे सामने है। कुछ फिरकापरस्त लोगों ने पाकिस्तान को मुस्लिम राष्ट्र बना दिया। नतीजा सबके सामने है। पाकिस्तान के दो टुकड़े हो चुके है। पूरा पाकिस्तान बर्बाद हो चुका है और एक बार फिर बिखरने की कगार पर है। हमारे देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिशों के नतीजे बहुत विनाशकारी साबित होंगे। इस देश के टुकड़े हो जाएंगे। हर धर्म के लोग अपने लिए अलग देश की मांग करने लग जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के पास इसका कोई जवाब नहीं है। देश के नौ राज्य इसका विरोध करते हुए कह रहे है कि हम इसे लागू नहीं करेंगे। लोकतंत्र सिर्फ बहुमत के आधार पर नहीं चलता है। अवाम की सोच के आधार पर देश चलता है। ऐस कानून लाने से पहले न तो विपक्ष को विश्वास में लिया गया और न ही देश में इसकी चर्चा की गई। यहीं कारण है कि इनका पूरे देश में जबरदस्त विरोध हो रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित पूरी पार्टी के नेताओं को देशभर में जाकर सफाई देनी पड़ रही है। ऐसे में देश के भविष्य को ध्यान में रख कर इस कानून को वापस लेने पर विचार किया जाना चाहिये।