शहर में बुधवार देर शाम कोरोना वायरस के दो संदिग्ध सामने आने से हड़कंप मच गया। हाल ही चीन जाकर आए दोनों व्यक्ति किसी को सूचित किए बगैर शहर में आराम से घूम रहे थे। अब दोनों को मथुरादास माथुर अस्पताल के आइसोलेटेड अलग-अलग वार्ड में भर्ती किया गया है। इस मामले को लेकर विभागीय व प्रशासनिक अधिकारी बात तक करने से कतरा रहे है। साथ ही प्रशासन ने इस वार्ड के चारों तरफ पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा भी बना दिया है ताकि कोई अन्य व्यक्ति इनके पास नहीं फटक पाए।
हालांकि दोनों के परिजनों का कहना है कि पुणे स्थित चीन की कंपनी में कार्य ग्रहण करने से पूर्व दोनों अपना मेडिकल कराने अस्पताल गए थे। दोनों के चीन जाकर आने का पता चलते ही अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दोनों को भर्ती कर दिया। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस बारे में पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आए बगैर वे कुछ नहीं बोल सकते।
बीस जनवरी को लौटे भारत
शहर के दोनों युवक 24 साल के है। ये दोनों चीन जाकर बीस जनवरी को भारत लौटे। कोलकाता हुए दोनों कुछ दिन पूर्व जोधपुर आए। कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में हंगामा मचा हुआ है, लेकिन चीन से शहर में आए दो युवकों के बारे में किसी को पता तक नहीं चला। ऐसे में दोनों की स्क्रिनिंग तक नहीं हो पाई।
देर रात लिए सैंपल
एमडीएम अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संदिग्ध मरीज के रात को सैंपल लेने माइक्रोबॉयोलॉजी में लगे एक टेक्नीशियन को भेजा। मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. वीरम परमार अपने एक रेजीडेंट के साथ वहां देखने पहुंचे। दोनों ही मरीजों के तीन सैंपल लिए गए। जिसमें ब्लड, नाक से और मुंह से सैंपल लिया गया। सैंपल जयपुर भेजे जाएगें।
कोराेना संदिग्ध का ऐसे चला पता
एक मरीज के पिता ने बताया कि बेटा चीन की एक कंपनी में कार्यरत है।वह चीन गया था उसको कंपनी ने जांच आदि कर वापस रिपोर्ट लेकर पुणे में ज्वाॅइनिंग करने भेजा था। इसके लिए बुधवार को एमडीएमएच जांच के लिए आए। डॉक्टरों ने हिस्ट्री ली तो तुरंत उसे भर्ती होने के लिए कहा। बेटे को आठ तारीख का पुणे का टिकट है। उसे वहां ज्वाॅइनिंग देनी है। करीब 80 से ज्यादा लोग चीन से इनके साथ आए हैं। और अभी तक किसी के बीमार होने की सूचना नहीं है।