पश्चिमी राजस्थान में सरहद से लेकर शहरों तक पहली बार एक साथ पसरा सन्नाटा

कोरोना से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आग्रह पर पश्चिमी राजस्थान में रविवार को जनता कर्फ्यू का असर पहली बार सरहद से लेकर शहरों तक साफ नजर आ रहा है। सरहदी बाड़मेर-जैसलमेर के अलावा जोधपुर संभाग के पाली, जालोर व सिरोही जिलों में न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। यह पहला अवसर है जब गांव से लेकर शहरों तक के बाजार पूरी तरह से बंद है और सड़कों पर कोई नजर नहीं आ रहा है। 



जनता कर्फ्यू का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। शहरों में सन्नाटे को चीरते हुए वाहन निकल रहे है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा है। हर तरफ एकदम शांति छाई हुई है। सभी लोग अपने-अपने घरों में बैठ कोरोना से लड़ने की अपनी इच्छा शक्ति को दर्शा रहे है। 



जैसलमेर शहर में आज सुबह दूध की कुछेक दुकान खुली, लेकिन पुलिस ने सात बजे के पश्चात उन्हें भी बंद करवा दिया। अब पूरे शहर में एक भी दुकान खुली नहीं है। सभी लोग घरों में दुबके हुए है। कमोबेश ऐसे ही हालात बाड़मेर शहर के है। पाली, जालोर व सिरोही में कल शाम से ही बाजार बंद होने के कारण सड़कों पर शांति छा गई थी। आज अलसुबह थोड़ी देर के लिए सड़कों पर दूध बेचने व खरीदने वालों की थोड़ी बहुत चहल-पहल अवश्य नजर आई, लेकिन सात बजते ही लोग वापस अपने घरों में पहुंच गए। आज बाहर से बहुत कम बसें शहर में आई। इस कारण बस स्टैंड भी सूने नजर आए।